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श्लोक 6.74.39  |
तत: स्वशिबिरं गत्वा न्यविशंस्तत्र भारत।
पाण्डवा: सृंजयै: सार्धं कुरवश्च यथाविधि॥ ३९॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् पाण्डव और कौरव सृंजयों सहित अपने शिविर में जाकर विधिपूर्वक वहाँ विश्राम करने लगे ॥39॥ |
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| India Thereafter, the Pandavas and the Kauravas along with the Srinjayas went to their camp and started resting there as per the rituals. 39॥ |
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इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि पञ्चमदिवसावहारे चतु:सप्ततितमोध्याय:॥ ७४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें पाँचवें दिवसके युद्धकी समाप्तिविषयक चौहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७४॥
[दाक्षिणात्य अधिक पाठके २ १/२ श्लोक मिलाकर कुल ४१ १/२ श्लोक हैं।] |
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