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mahabharat 6.74.33: जब सूर्य अस्त होने के निकट आया और लाल होने लगा, तब अर्जुन ने बड़ी शीघ्रता से बाणों की वर्षा करके पच्चीस हजार महारथियों को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.74: सात्यकि और भूरिश्रवाका युद्ध, भूरिश्रवाद्वारा सात्यकिके दस पुत्रोंका वध, अर्जुनका पराक्रम तथा पाँचवें दिनके युद्धका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 74: सात्यकि और भूरिश्रवाका युद्ध, भूरिश्रवाद्वारा सात्यकिके दस पुत्रोंका वध, अर्जुनका पराक्रम तथा पाँचवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.74.33 
लोहितायति चादित्ये त्वरमाणो धनंजय:।
पञ्चविंशतिसाहस्रान् निजघान महारथान्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
जब सूर्य अस्त होने के निकट आया और लाल होने लगा, तब अर्जुन ने बड़ी शीघ्रता से बाणों की वर्षा करके पच्चीस हजार महारथियों को मार डाला।
 
When the sun came close to setting and started turning red, Arjuna, with great haste, showered his arrows and killed twenty-five thousand mighty warriors.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)