Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.74.27-28: वे दोनों महारथी रणभूमि में अपने-अपने रथों से एक-दूसरे के रथों को कष्ट देने लगे। उन्होंने एक-दूसरे के रथों और घोड़ों को नष्ट कर दिया। इस प्रकार रथहीन होकर वे दोनों महारथी एक-दूसरे का सामना करने के लिए उछलने-कूदने लगे।॥ 27-28॥ | mahabharat अध्याय 6.74: सात्यकि और भूरिश्रवाका युद्ध, भूरिश्रवाद्वारा सात्यकिके दस पुत्रोंका वध, अर्जुनका पराक्रम तथा पाँचवें दिनके युद्धका उपसंहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे दोनों महारथी रणभूमि में अपने-अपने रथों से एक-दूसरे के रथों को कष्ट देने लगे। उन्होंने एक-दूसरे के रथों और घोड़ों को नष्ट कर दिया। इस प्रकार रथहीन होकर वे दोनों महारथी एक-दूसरे का सामना करने के लिए उछलने-कूदने लगे।॥ 27-28॥
Both those mighty warriors started tormenting each other's chariots with their chariots in the battlefield. They destroyed each other's chariots and horses. Thus, without chariots, both those great warriors started jumping and facing each other.॥ 27-28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥