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mahabharat 6.74.18: भूरिश्रवा की यह बात सुनकर उन महाधनुर्धर वीरों ने शत्रुसंहारक भूरिश्रवा पर बाणों की भारी वर्षा करके शीघ्रतापूर्वक आक्रमण किया ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 6.74: सात्यकि और भूरिश्रवाका युद्ध, भूरिश्रवाद्वारा सात्यकिके दस पुत्रोंका वध, अर्जुनका पराक्रम तथा पाँचवें दिनके युद्धका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 74: सात्यकि और भूरिश्रवाका युद्ध, भूरिश्रवाद्वारा सात्यकिके दस पुत्रोंका वध, अर्जुनका पराक्रम तथा पाँचवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.74.18 
एवमुक्ता महेष्वासास्ते वीरा: क्षिप्रकारिण:।
महता शरवर्षेण अभ्यधावन्नरिंदमम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
भूरिश्रवा की यह बात सुनकर उन महाधनुर्धर वीरों ने शत्रुसंहारक भूरिश्रवा पर बाणों की भारी वर्षा करके शीघ्रतापूर्वक आक्रमण किया ॥18॥
 
On hearing this from Bhurishrava, those great archers who hurriedly attacked Bhurishrava, the enemy destroyer, with a heavy shower of arrows. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)