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mahabharat 6.74.16: तत्पश्चात् उन योद्धाओं के ये वचन सुनकर उनकी वीरता की प्रशंसा करने वाले परम बलवान पुरुष भूरिश्रवा ने उन्हें युद्ध के लिए उपस्थित देखकर उनसे इस प्रकार कहा - 16॥   |   mahabharat अध्याय 6.74: सात्यकि और भूरिश्रवाका युद्ध, भूरिश्रवाद्वारा सात्यकिके दस पुत्रोंका वध, अर्जुनका पराक्रम तथा पाँचवें दिनके युद्धका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 74: सात्यकि और भूरिश्रवाका युद्ध, भूरिश्रवाद्वारा सात्यकिके दस पुत्रोंका वध, अर्जुनका पराक्रम तथा पाँचवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.74.16 
एवमुक्तस्तदा शूरैस्तानुवाच महाबल:।
वीर्यश्लाघी नरश्रेष्ठस्तान् दृष्ट्वा समवस्थितान्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उन योद्धाओं के ये वचन सुनकर उनकी वीरता की प्रशंसा करने वाले परम बलवान पुरुष भूरिश्रवा ने उन्हें युद्ध के लिए उपस्थित देखकर उनसे इस प्रकार कहा - 16॥
 
Then, on hearing these words of those warriors, Bhurishrava, the most powerful man who praised his bravery, seeing them present for the war, said to them thus - 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)