Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.74.10-11: उन बाणों का स्पर्श मृत्यु के समान था। राजन! उस समय सात्यकि के साथ आये सैनिक उन बाणों का वेग सहन न कर सके। हे राजन! वे युद्ध में व्याकुल सात्यकि को युद्धभूमि में ही छोड़कर समस्त दिशाओं में भाग गये। | mahabharat अध्याय 6.74: सात्यकि और भूरिश्रवाका युद्ध, भूरिश्रवाद्वारा सात्यकिके दस पुत्रोंका वध, अर्जुनका पराक्रम तथा पाँचवें दिनके युद्धका उपसंहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन बाणों का स्पर्श मृत्यु के समान था। राजन! उस समय सात्यकि के साथ आये सैनिक उन बाणों का वेग सहन न कर सके। हे राजन! वे युद्ध में व्याकुल सात्यकि को युद्धभूमि में ही छोड़कर समस्त दिशाओं में भाग गये।
The touch of those arrows was like death. King! At that time the soldiers who had come with Satyaki could not withstand the force of those arrows. O Lord of kings! They left the battle-stricken Satyaki there on the battlefield and fled in all directions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥