Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.74.1-2h: संजय कहते हैं - हे राजन! महाबली सात्यकि उन्मत्त होकर युद्ध करने जा रहे थे। उन्होंने भार वहन करने में समर्थ तथा युद्ध में श्रेष्ठ धनुष को बलपूर्वक खींचकर विषैले सर्पों के समान भयंकर पंखयुक्त बाण छोड़े। | mahabharat अध्याय 6.74: सात्यकि और भूरिश्रवाका युद्ध, भूरिश्रवाद्वारा सात्यकिके दस पुत्रोंका वध, अर्जुनका पराक्रम तथा पाँचवें दिनके युद्धका उपसंहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय कहते हैं - हे राजन! महाबली सात्यकि उन्मत्त होकर युद्ध करने जा रहे थे। उन्होंने भार वहन करने में समर्थ तथा युद्ध में श्रेष्ठ धनुष को बलपूर्वक खींचकर विषैले सर्पों के समान भयंकर पंखयुक्त बाण छोड़े।
Sanjaya says - O King! The powerful Satyaki was going to fight in the war like a madman. He forcefully pulled the bow which was capable of bearing the load and was the best in the war and shot terrifying feathered arrows which looked like poisonous snakes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥