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mahabharat 6.73.41: कवच और रथ से रहित, कटे हुए धनुष वाले, केश खोले हुए अनेक वीर संजय केवल अपनी भुजाओं से ही कौरवों के साथ युद्ध कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 6.73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.73.41 
मुक्तकेशा विकवचा विरथाश्छिन्नकार्मुका:।
बाहुभि: समयुध्यन्त सृंजया: कुरुभि: सह॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
कवच और रथ से रहित, कटे हुए धनुष वाले, केश खोले हुए अनेक वीर संजय केवल अपनी भुजाओं से ही कौरवों के साथ युद्ध कर रहे थे।
 
Devoid of armour and chariot, with their bows cut, many brave Sanjayas, with their hair open, were wrestling with the Kauravas using only their arms.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)