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mahabharat 6.73.38: फिर कृपाचार्य ने सभी सैनिकों के सामने ही लक्ष्मण को अपने रथ पर बिठाया और उन्हें वहां से युद्धभूमि में किसी अन्य स्थान पर ले गए।   |   mahabharat अध्याय 6.73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  6.73.38 
तत: स्वरथमारोप्य लक्ष्मणं गौतमस्तदा।
अपोवाह रथेनाजौ सर्वसैन्यस्य पश्यत:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
फिर कृपाचार्य ने सभी सैनिकों के सामने ही लक्ष्मण को अपने रथ पर बिठाया और उन्हें वहां से युद्धभूमि में किसी अन्य स्थान पर ले गए।
 
Then, in front of all the soldiers, Kripacharya made Lakshman sit on his chariot and took him away from there to some other place on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)