Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.73.37: अचानक उस शक्ति को, जो भयंकर और अजेय सर्पिणी के समान थी, अपनी ओर आते देख अभिमन्यु ने अपने तीखे बाणों से उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए। | mahabharat अध्याय 6.73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तामापतन्तीं सहसा घोररूपां दुरासदाम्।
अभिमन्यु: शरैस्तीक्ष्णैश्चिच्छेद भुजगोपमाम्॥ ३७॥
अनुवाद
अचानक उस शक्ति को, जो भयंकर और अजेय सर्पिणी के समान थी, अपनी ओर आते देख अभिमन्यु ने अपने तीखे बाणों से उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए।
Suddenly seeing that Shakti, who looked like a fearsome and unconquerable serpent, coming toward him, Abhimanyu cut her into pieces with his sharp arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥