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mahabharat 6.73.36: शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले लक्ष्मण ने उस अश्वरहित रथ पर खड़े होकर क्रोध में भरकर अभिमन्यु के रथ की ओर एक बल का प्रहार किया ॥36॥   |   mahabharat अध्याय 6.73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.73.36 
हताश्वे तु रथे तिष्ठँल्लक्ष्मण: परवीरहा।
शक्तिं चिक्षेप संक्रुद्ध: सौभद्रस्य रथं प्रति॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले लक्ष्मण ने उस अश्वरहित रथ पर खड़े होकर क्रोध में भरकर अभिमन्यु के रथ की ओर एक बल का प्रहार किया ॥36॥
 
Standing on that horseless chariot, Lakshmana, the destroyer of enemy warriors, filled with anger, fired a force towards Abhimanyu's chariot. 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)