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mahabharat 6.73.33: तब क्रोध में भरे हुए अभिमन्यु ने उत्तम गुणों से संपन्न लक्ष्मण को छः तीखे बाणों से तथा उनके सारथि को तीन बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.73.33 
अभिमन्युस्तु संक्रुद्धो लक्ष्मणं शुभलक्षणम्।
विव्याध निशितै: षड्‍‍भि: सारथिं च त्रिभि: शरै:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
तब क्रोध में भरे हुए अभिमन्यु ने उत्तम गुणों से संपन्न लक्ष्मण को छः तीखे बाणों से तथा उनके सारथि को तीन बाणों से घायल कर दिया।
 
Then Abhimanyu, filled with anger, pierced Lakshmana, endowed with excellent characteristics, with six sharp arrows and his charioteer with three.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)