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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.73.31 
अपेतशिशिरे काले समिद्धमिव पावकम्।
अत्यरोचत सौभद्रस्तव सैन्यानि नाशयन्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
महाराज! आपकी सेना का संहार करते समय सुभद्रापुत्र अभिमन्यु ग्रीष्म ऋतु में प्रज्वलित होने वाली प्रचण्ड अग्नि से भी अधिक शोभायमान हो रहा था।
 
Maharaj! While destroying your army, Abhimanyu, the son of Subhadra, was looking more beautiful than the raging fire blazing in the summer season.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)