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mahabharat 6.73.22: महाराज! तत्पश्चात् क्रोध में भरे हुए दुर्योधन ने पत्थरों पर रगड़कर तीखे किए हुए सुवर्णमय बाणों द्वारा भीमसेन को घायल कर दिया और पाण्डवों की सेना को भयभीत करने लगा॥22॥   |   mahabharat अध्याय 6.73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.73.22 
तत: शरैर्महाराज रुक्मपुङ्खै: शिलाशितै:।
भीमं विव्याध संक्रुद्धस्त्रासयानो वरूथिनीम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् क्रोध में भरे हुए दुर्योधन ने पत्थरों पर रगड़कर तीखे किए हुए सुवर्णमय बाणों द्वारा भीमसेन को घायल कर दिया और पाण्डवों की सेना को भयभीत करने लगा॥22॥
 
Maharaj! Thereafter, Duryodhana, filled with anger, pierced Bhimasena with golden-tipped arrows sharpened by rubbing them on stones and began to frighten the Pandavas' army. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)