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mahabharat 6.73.21: भीमसेन के बाणों से पीड़ित होकर आपका तेजस्वी पुत्र उसके प्रहारों को उसी प्रकार सहन नहीं कर सका, जैसे मतवाला हाथी ताली की ध्वनि सहन नहीं कर सकता॥21॥   |   mahabharat अध्याय 6.73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.73.21 
पुत्रस्तु तव तेजस्वी भीमसेनेन ताडित:।
नामृष्यत यथा नागस्तलशब्दं मदोत्कट:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन के बाणों से पीड़ित होकर आपका तेजस्वी पुत्र उसके प्रहारों को उसी प्रकार सहन नहीं कर सका, जैसे मतवाला हाथी ताली की ध्वनि सहन नहीं कर सकता॥21॥
 
Your illustrious son, afflicted by Bhimasena's arrows, could not withstand the blows inflicted by him just as a drunken elephant cannot bear the sound of clapping. ॥21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)