Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.73.18-19: इससे भीमसेन को बहुत क्रोध आया। उन्होंने एक विचित्र धनुष हाथ में लिया, जो अत्यंत शक्तिशाली और शत्रुओं के प्राण लेने में सक्षम था। उन्होंने उस पर दस तीखे बाण चढ़ाए; फिर धनुष को कान तक खींचकर बाण छोड़े। उन सीधे, तीव्र और तीखे बाणों से भीम ने तुरन्त और बिना किसी उतावलेपन के कुरुराज दुर्योधन की छाती पर गहरा घाव कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 18-19
 
 
श्लोक  6.73.18-19 
भीमसेन: सुसंक्रुद्ध: परासुकरणं दृढम्।
चित्रं कार्मुकमादत्त शरांश्च निशितान् दश॥ १८॥
आकर्णप्रहितैस्तीक्ष्णैर्वेगवद्भिरजिह्मगै:।
अविध्यत् तूर्णमव्यग्र: कुरुराजं महोरसि॥ १९॥
 
 
अनुवाद
इससे भीमसेन को बहुत क्रोध आया। उन्होंने एक विचित्र धनुष हाथ में लिया, जो अत्यंत शक्तिशाली और शत्रुओं के प्राण लेने में सक्षम था। उन्होंने उस पर दस तीखे बाण चढ़ाए; फिर धनुष को कान तक खींचकर बाण छोड़े। उन सीधे, तीव्र और तीखे बाणों से भीम ने तुरन्त और बिना किसी उतावलेपन के कुरुराज दुर्योधन की छाती पर गहरा घाव कर दिया।
 
This made Bhimasena very angry. He took a strange bow in his hand, which was very strong and capable of taking the lives of enemies. He placed ten sharp arrows on it; then pulling the bow till the ear, he released the arrows. With those straight, fast and sharp arrows, Bhima immediately and without any haste inflicted a deep wound on the chest of the Kuru King Duryodhana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)