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mahabharat 6.73.13: द्रोणाचार्य से दुर्लभतम अस्त्र-शस्त्रों का प्रशिक्षण प्राप्त करके, वह सदैव पांडव सैनिकों के साथ निर्भय होकर युद्ध करता था।   |   mahabharat अध्याय 6.73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.73.13 
स हि नित्यमनीकेषु युध्यतेऽभयमास्थित:।
अस्त्रग्रामं ससंहारं द्रोणात् प्राप्य सुदुर्लभम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य से दुर्लभतम अस्त्र-शस्त्रों का प्रशिक्षण प्राप्त करके, वह सदैव पांडव सैनिकों के साथ निर्भय होकर युद्ध करता था।
 
Having received training in the rarest of weapons from Dronacharya, he always fought fearlessly with the Pandava soldiers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)