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mahabharat 6.73.10: वे बाण उसके कवच को फाड़कर उस रणभूमि से उसके शरीर का रक्त पीने लगे, परंतु गांडीवधारी अर्जुन द्वारा छेदे जाने पर भी अश्वत्थामा व्यथित नहीं हुआ॥10॥   |   mahabharat अध्याय 6.73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 73: विराट-भीष्म, अश्वत्थामा-अर्जुन, दुर्योधन-भीमसेन तथा अभिमन्यु और लक्ष्मणके द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.73.10 
तस्य ते कवचं भित्त्वा पपु: शोणितमाहवे।
न विव्यथे च निर्भिन्नो द्रौणिर्गाण्डीवधन्वना॥ १०॥
 
 
अनुवाद
वे बाण उसके कवच को फाड़कर उस रणभूमि से उसके शरीर का रक्त पीने लगे, परंतु गांडीवधारी अर्जुन द्वारा छेदे जाने पर भी अश्वत्थामा व्यथित नहीं हुआ॥10॥
 
Those arrows tore his armor and started drinking the blood of his body from that battlefield, but Ashwatthama did not get distressed even after being pierced by Arjuna wielding Gandiva. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)