श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 71: भीष्म, अर्जुन आदि योद्धाओंका घमासान युद्ध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  6.71.5 
विद्युतं मेघमध्यस्थां भ्राजमानामिवाम्बरे।
ददृशुर्गाण्डिवं योधा रुक्मपृष्ठं महामृधे॥ ५॥
 
 
अनुवाद
उस महायुद्ध में हमारे पक्ष के योद्धाओं ने आकाश में बादलों के बीच बिजली की तरह चमकते हुए गाण्डीवधनुष को देखा, जिसकी सुनहरी पीठ चमक रही थी।
 
In that great battle, the warriors of our side saw the Gandivadhanush with its golden back flashing like lightning among the clouds in the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)