श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 71: भीष्म, अर्जुन आदि योद्धाओंका घमासान युद्ध  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  6.71.43 
एवं संछादितं तत्र बभूवायोधनं महत्।
सादिभिश्च पदातैश्च सध्वजैश्च महारथै:॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार विशाल युद्धभूमि घुड़सवारों, पैदल सैनिकों तथा पराक्रमी योद्धाओं के शवों तथा उनके झण्डों से आच्छादित हो गयी।
 
In this manner the vast battlefield was covered with the bodies of horsemen, footmen and mighty warriors with their flags.
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि संकुलयुद्धे एकसप्ततितमोऽध्याय:॥ ७१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें संकुलयुद्धविषयक इकहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७१॥

[दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ १/२ श्लोक मिलाकर कुल ४४ १/२ श्लोक हैं।]
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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