श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 71: भीष्म, अर्जुन आदि योद्धाओंका घमासान युद्ध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.71.1 
संजय उवाच
दृष्ट्वा भीष्मेण संसक्तान् भ्रातॄनन्यांश्च पार्थिवान्।
समभ्यधावद् गाङ्गेयमुद्यतास्त्रो धनंजय:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज! अपने भाइयों तथा अन्य राजाओं को भीष्म के साथ उलझा हुआ देखकर अर्जुन ने भी अपना अस्त्र उठाकर गंगानन्दन भीष्म पर आक्रमण किया।
 
Sanjaya says - Maharaj! Seeing his brothers and other kings entangled with Bhishma, Arjuna, taking up his weapon, also attacked Ganganandan Bhishma. 1.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)