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श्लोक 31
श्लोक
6.7.31
षष्टिस्तानि सहस्राणि षष्टिमेव शतानि च।
अरुणस्याग्रतो यान्ति परिवार्य दिवाकरम्॥ ३१॥
अनुवाद
उनमें से छियासठ हजार पुरुष सूर्यदेव को घेरकर अरुण के आगे चलते हैं। 31.
Out of them sixty-six thousand men surround the Sun God and walk ahead of Arun. 31.
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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