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mahabharat 6.7.27: वहाँ के लोग प्रातःकाल के सूर्य के समान तेजस्वी हैं। अग्निदेव सदैव माल्यवान पर्वत के शिखर पर जलते हुए दिखाई देते हैं। 27॥   |   mahabharat अध्याय 6.7: उत्तर कुरु, भद्राश्ववर्ष तथा माल्यवान‍्का वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 7: उत्तर कुरु, भद्राश्ववर्ष तथा माल्यवान‍्का वर्णन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.7.27 
तरुणादित्यवर्णाश्च जायन्ते तत्र मानवा:।
तथा माल्यवत: शृङ्गे दृश्यते हव्यवाट् सदा॥ २७॥
 
 
अनुवाद
वहाँ के लोग प्रातःकाल के सूर्य के समान तेजस्वी हैं। अग्निदेव सदैव माल्यवान पर्वत के शिखर पर जलते हुए दिखाई देते हैं। 27॥
 
The people there are as radiant as the morning sun. Agnidev is always seen burning on the peak of Malyavan mountain. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)