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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 7: उत्तर कुरु, भद्राश्ववर्ष तथा माल्यवान्का वर्णन
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श्लोक 21
श्लोक
6.7.21
योजनानां सहस्रं च शतं च भरतर्षभ।
उत्सेधो वृक्षराजस्य दिवस्पृङ्मनुजेश्वर॥ २१॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! मनुजेश्वर! उस वृक्षराज की ऊँचाई ग्यारह सौ योजन है। वह (ऊँचाई) स्वर्ग को छूती हुई प्रतीत होती है। 21॥
Bharatshrestha! Manujeshwar! The height of that tree king is eleven hundred yojanas. That (height) seems to be touching heaven. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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