vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 7: उत्तर कुरु, भद्राश्ववर्ष तथा माल्यवान्का वर्णन
»
श्लोक 21
श्लोक
6.7.21
योजनानां सहस्रं च शतं च भरतर्षभ।
उत्सेधो वृक्षराजस्य दिवस्पृङ्मनुजेश्वर॥ २१॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! मनुजेश्वर! उस वृक्षराज की ऊँचाई ग्यारह सौ योजन है। वह (ऊँचाई) स्वर्ग को छूती हुई प्रतीत होती है। 21॥
Bharatshrestha! Manujeshwar! The height of that tree king is eleven hundred yojanas. That (height) seems to be touching heaven. 21॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas