| श्री महाभारत » पर्व 6: भीष्म पर्व » अध्याय 7: उत्तर कुरु, भद्राश्ववर्ष तथा माल्यवान्का वर्णन » श्लोक 20 |
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| | | | श्लोक 6.7.20  | सर्वकामफल: पुण्य: सिद्धचारणसेवित:।
तस्य नाम्ना समाख्यातो जम्बूद्वीप: सनातन:॥ २०॥ | | | | | | अनुवाद | | वे समस्त मनोवांछित फलों को देने वाले, पवित्र तथा सिद्धों एवं चारणों के आश्रय हैं। उन्हीं के नाम पर यह सनातन क्षेत्र जम्बूद्वीप के नाम से प्रसिद्ध है। | | | | He is the giver of all the desired fruits, is pure and is the refuge of Siddhas and Charanas. This eternal region is famous by the name of Jambudweep after his name. | | ✨ ai-generated | | |
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