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mahabharat 6.69.23: युद्ध में क्रोधित होकर महाबली द्रोणाचार्य ने हंसते हुए, मानो वे हंस रहे हों, तीखे बाणों से सात्यकि के हंसली पर प्रहार किया।   |   mahabharat अध्याय 6.69: कौरवोंद्वारा मकरव्यूह तथा पाण्डवोंद्वारा श्येनव्यूहका निर्माण एवं पाँचवें दिनके युद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.69.23 
शैनेयं तु रणे क्रुद्धो भारद्वाज: प्रतापवान्।
अविध्यन्निशितैर्बाणैर्जत्रुदेशे हसन्निव॥ २३॥
 
 
अनुवाद
युद्ध में क्रोधित होकर महाबली द्रोणाचार्य ने हंसते हुए, मानो वे हंस रहे हों, तीखे बाणों से सात्यकि के हंसली पर प्रहार किया।
 
The mighty Dronacharya, enraged in the battle, attacked Satyaki's collarbone with sharp arrows, laughing as if they were laughing.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)