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mahabharat 6.69.19-20: हम लोग आपकी और पितामह भीष्म की शरण में आकर युद्धस्थल में देवताओं को भी परास्त करने की इच्छा रखते हैं, इसमें संशय नहीं है। फिर बल और पराक्रम से हीन पाण्डवों को परास्त करने में क्या बड़ी बात है? आप धन्य हों। आप ऐसा प्रयत्न करें कि पाण्डव मारे जाएँ।॥19-20॥   |   mahabharat अध्याय 6.69: कौरवोंद्वारा मकरव्यूह तथा पाण्डवोंद्वारा श्येनव्यूहका निर्माण एवं पाँचवें दिनके युद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.69.19-20 
वयं हि त्वां समाश्रित्य भीष्मं चैव पितामहम्।
देवानपि रणे जेतुं प्रार्थयामो न संशय:॥ १९॥
किमु पाण्डुसुतान् युद्धे हीनवीर्यपराक्रमान्।
स तथा कुरु भद्रं ते यथा वध्यन्ति पाण्डवा:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हम लोग आपकी और पितामह भीष्म की शरण में आकर युद्धस्थल में देवताओं को भी परास्त करने की इच्छा रखते हैं, इसमें संशय नहीं है। फिर बल और पराक्रम से हीन पाण्डवों को परास्त करने में क्या बड़ी बात है? आप धन्य हों। आप ऐसा प्रयत्न करें कि पाण्डव मारे जाएँ।॥19-20॥
 
We, taking refuge in you and grandfather Bhishma, desire to defeat even the gods in the battlefield, there is no doubt about it. Then what is the big deal in defeating the Pandavas who are lacking in strength and valour. May you be blessed. You should make such efforts that the Pandavas are killed.'॥19-20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)