Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.69.15: अपनी सेना को मोहित होते देख अर्जुन ने बड़ी उतावली से युद्धस्थल के मुहाने पर एक हजार बाणों की वर्षा करके भीष्म को घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.69: कौरवोंद्वारा मकरव्यूह तथा पाण्डवोंद्वारा श्येनव्यूहका निर्माण एवं पाँचवें दिनके युद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 69: कौरवोंद्वारा मकरव्यूह तथा पाण्डवोंद्वारा श्येनव्यूहका निर्माण एवं पाँचवें दिनके युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.69.15 
सम्मुह्यति तदा सैन्ये त्वरमाणो धनंजय:।
भीष्मं शरसहस्रेण विव्याध रणमूर्धनि॥ १५॥
 
 
अनुवाद
अपनी सेना को मोहित होते देख अर्जुन ने बड़ी उतावली से युद्धस्थल के मुहाने पर एक हजार बाणों की वर्षा करके भीष्म को घायल कर दिया।
 
Seeing his army being fascinated, Arjuna in great haste wounded Bhishma by showering a thousand arrows at the mouth of the battlements.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)