संजय उवाच
पुण्यं श्रुत्वैतदाख्यानं महाराज सुतस्तव।
केशवं बहु मेने स पाण्डवांश्च महारथान्॥ १३॥
अनुवाद
संजय कहते हैं- महाराज! भीष्मजी के मुख से यह पवित्र कथा सुनकर आपके पुत्र ने भगवान श्रीकृष्ण और महारथी पाण्डवों को बहुत महत्वपूर्ण समझा॥13॥
Sanjay says- Maharaj! Hearing this holy story from the mouth of Bhishmaji, your son considered Lord Shri Krishna and the great charioteer Pandavas to be very important. 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥