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श्लोक  6.65.69 
यत् तत् परमकं गुह्यं त्वत्प्रसादादिदं विभो।
वासुदेव तदेतत् ते मयोद्‍गीतं यथातथम्॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
वासुदेव! आप परम पुरुषोत्तम परमेश्वर हैं। आपकी कृपा से ही आपका परम गुप्त एवं सत्य स्वरूप इस रूप में यहाँ वर्णित किया गया है ॥69॥
 
Vasudev! You are the Supreme Supreme Lord. Your most secret and true nature has been described here in this form only by your grace. ॥ 69॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)