Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.65.68: हे प्रभु! धर्म की स्थापना, राक्षसों के संहार और विश्व की रक्षा के लिए हमारी प्रार्थना स्वीकार करें।   |   mahabharat अध्याय 6.65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  6.65.68 
धर्मसंस्थापनार्थाय दैत्यानां च वधाय च।
जगतो धारणार्थाय विज्ञाप्यं कुरु मे विभो॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! धर्म की स्थापना, राक्षसों के संहार और विश्व की रक्षा के लिए हमारी प्रार्थना स्वीकार करें।
 
Lord! Please accept our prayers for the establishment of Dharma, killing of demons and protection of the world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)