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श्लोक  6.65.67 
पृथिवी निर्भया देव त्वत्प्रसादात् सदाभवत्।
तस्माद् भव विशालाक्ष यदुवंशविवर्धन:॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
हे देव! आपकी कृपा से पृथ्वी सदैव निर्भय रही है, अतः हे विशाललोचन! आप पुनः यदुवंश में पृथ्वी पर अवतार लेकर इसकी शोभा बढ़ाएँ।
 
O Deva! The earth has always been fearless because of your blessings, therefore, O Vishallochan! You should again take incarnation on earth in the Yadu dynasty and increase its glory. 67.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)