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श्लोक  6.65.5 
केनावध्या महात्मान: पाण्डुपुत्रा महाबला:।
केन दत्तवरास्तात किं वा ज्ञानं विदन्ति ते॥ ५॥
 
 
अनुवाद
पिताश्री! महाबली महात्मा पाण्डव अविनाशी क्यों हैं? उन्हें किसने आशीर्वाद दिया है अथवा वे कौन-सी विद्या जानते हैं?॥5॥
 
Father! Why is the mighty Mahatma Pandava indestructible? Who has blessed him or what knowledge does he know?॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)