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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  6.65.43 
तेषां मध्ये समासीन: प्रजापतिरपश्यत।
विमानं प्रज्वलद् भासा स्थितं प्रवरमम्बरे॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
उस समय उनके बीच बैठे हुए प्रजापति ब्रह्मा ने आकाश में एक महान विमान खड़ा देखा, जो अपनी चमक से चमक रहा था ॥43॥
 
At that time Prajapati Brahma, sitting amidst them, saw a great aircraft standing in the sky, which was blazing with its brilliance. ॥ 43॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)