Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.65.41: हे धर्मभाई! मैं तुम्हें वही सच्ची बातें बता रहा हूँ जो ऋषियों ने शुद्ध हृदय से पुराणों के अनुसार मुझसे कही हैं। सुनो।   |   mahabharat अध्याय 6.65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.65.41 
यत् तु मे कथितं तात मुनिभिर्भावितात्मभि:।
पुराणगीतं धर्मज्ञ तच्छृणुष्व यथातथम्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
हे धर्मभाई! मैं तुम्हें वही सच्ची बातें बता रहा हूँ जो ऋषियों ने शुद्ध हृदय से पुराणों के अनुसार मुझसे कही हैं। सुनो।
 
O dear brother of Dharma, I am telling you the true things as told to me by the sages with pure heart as per the Puranas. Listen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)