Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.65.40-d1h: इस संसार में ऐसा कोई प्राणी न हुआ है, न है और न होगा जो शार्ङ्ग धनुषधारी भगवान श्रीकृष्ण द्वारा रक्षित समस्त पाण्डवों को परास्त कर सके। तथा देवता, दानव और मनुष्य तीनों में से कोई भी ऐसा नहीं है जो भगवान श्रीकृष्ण को उनके वास्तविक स्वरूप में जान सके॥40॥ | mahabharat अध्याय 6.65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नास्ति लोकेषु तद् भूतं भविता नो भविष्यति।
यो जयेत् पाण्डवान् सर्वान् पालिताञ्छार्ङ्गधन्वना॥ ४०॥
(ससुरासुरमर्त्येषु यो विद्यात् तत्त्वतो हरिम्।)
अनुवाद
इस संसार में ऐसा कोई प्राणी न हुआ है, न है और न होगा जो शार्ङ्ग धनुषधारी भगवान श्रीकृष्ण द्वारा रक्षित समस्त पाण्डवों को परास्त कर सके। तथा देवता, दानव और मनुष्य तीनों में से कोई भी ऐसा नहीं है जो भगवान श्रीकृष्ण को उनके वास्तविक स्वरूप में जान सके॥40॥
There has not been, is not and will not be any being in this world who can defeat all the Pandavas protected by Lord Krishna who holds the Sharnga bow. And there is no one among the gods, demons and humans who can know Lord Krishna in his true form. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥