Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.65.38: पिताजी! मैंने ये सब बातें पहले भी ज़ोर-ज़ोर से कही थीं, लेकिन आपने अनसुनी कर दी। आप पांडवों का अपमान करते रहे हैं और आज आपको यह परिणाम मिला है। | mahabharat अध्याय 6.65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न च मे क्रोशतस्तात श्रुतवानसि वै पुरा।
तदिदं समनुप्राप्तं यत् पाण्डूनवमन्यसे॥ ३८॥
अनुवाद
पिताजी! मैंने ये सब बातें पहले भी ज़ोर-ज़ोर से कही थीं, लेकिन आपने अनसुनी कर दी। आप पांडवों का अपमान करते रहे हैं और आज आपको यह परिणाम मिला है।
Father! I have said all these things loudly before, but you have turned a deaf ear to them. You have been insulting the Pandavas and today you have received this result.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥