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श्लोक  6.65.38 
न च मे क्रोशतस्तात श्रुतवानसि वै पुरा।
तदिदं समनुप्राप्तं यत् पाण्डूनवमन्यसे॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
पिताजी! मैंने ये सब बातें पहले भी ज़ोर-ज़ोर से कही थीं, लेकिन आपने अनसुनी कर दी। आप पांडवों का अपमान करते रहे हैं और आज आपको यह परिणाम मिला है।
 
Father! I have said all these things loudly before, but you have turned a deaf ear to them. You have been insulting the Pandavas and today you have received this result.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)