श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.65.33 
त्रयाणामपि लोकानां पर्याप्ता इति मे मति:।
पाण्डवानां समस्ताश्च नातिष्ठन्त पराक्रमे॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
मेरा मानना ​​है कि यदि तुम सब लोग मिलकर काम करो तो तीनों लोकों पर विजय प्राप्त कर सकते हो, परन्तु पाण्डवों के पराक्रम के सामने तुम सब टिक नहीं सकते। इसका क्या कारण है?॥ 33॥
 
I believe that if all of you join hands, you can conquer the three worlds, but you all are unable to stand before the might of the Pandavas. What is the reason for this?॥ 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)