Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.65.31-32: दुर्योधन ने पूछा- पितामह! आप, द्रोणाचार्य, शल्य, कृपाचार्य, अश्वत्थामा, हृदिकपुत्र कृतवर्मा, कम्बोजराज सुदक्षिण, भूरिश्रवा, विकर्ण और महाबली भगदत्त- ये सभी महान कहलाते हैं। सभी कुलीन और योद्धा मेरे लिये अपने शरीर का बलिदान देने को तैयार हैं। 31-32॥ | mahabharat अध्याय 6.65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दुर्योधन ने पूछा- पितामह! आप, द्रोणाचार्य, शल्य, कृपाचार्य, अश्वत्थामा, हृदिकपुत्र कृतवर्मा, कम्बोजराज सुदक्षिण, भूरिश्रवा, विकर्ण और महाबली भगदत्त- ये सभी महान कहलाते हैं। सभी कुलीन और योद्धा मेरे लिये अपने शरीर का बलिदान देने को तैयार हैं। 31-32॥
Duryodhana asked – Grandfather! You, Dronacharya, Shalya, Kripacharya, Ashwatthama, Hridikaputra Kritavarma, Kambojaraj Sudakshin, Bhurishrava, Vikarna and the mighty Bhagadatta – all of them are called great. All nobles and warriors are ready to sacrifice their bodies for me. 31-32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥