Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.65.28-30: दुर्योधन ने भी पितामह भीष्म से यही प्रश्न पूछा था। महाराज! युद्ध में अपने समस्त महारथी भाइयों को पराजित देखकर आपके पुत्र कुरुराज दुर्योधन का हृदय शोक से भर गया। वह रात्रि के समय विनीत भाव से बुद्धिमान पितामह भीष्म के पास गया और उनसे जो कुछ पूछा, वह सब पूछा। मैं तुम्हें बताता हूँ, मेरी बात सुनो।। 28-30।। | mahabharat अध्याय 6.65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दुर्योधन ने भी पितामह भीष्म से यही प्रश्न पूछा था। महाराज! युद्ध में अपने समस्त महारथी भाइयों को पराजित देखकर आपके पुत्र कुरुराज दुर्योधन का हृदय शोक से भर गया। वह रात्रि के समय विनीत भाव से बुद्धिमान पितामह भीष्म के पास गया और उनसे जो कुछ पूछा, वह सब पूछा। मैं तुम्हें बताता हूँ, मेरी बात सुनो।। 28-30।।
Duryodhan had asked the same question to Grandfather Bhishma. Maharaj! Seeing all his great warrior brothers defeated in the war, the heart of your son Kuru King Duryodhan was filled with grief. He humbly went to the wise Grandfather Bhishma at night and asked him whatever he asked. I will tell you, listen to me. 28-30.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥