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स त्वं भुङ्क्ष्व महाराज सपुत्र: ससुहृज्जन:।
नावबुध्यसि यद् राजन् वार्यमाण: सुहृज्जनै:॥ २४॥
अनुवाद
महाराज! आपने अपने मित्रों की चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया, इसलिए अब आपको अपने पुत्रों और मित्रों सहित अपने अन्याय का फल भोगना पड़ेगा।
Maharaj! Because you did not pay heed to the warnings of your friends, now you, along with your sons and friends, will have to suffer the consequences of your injustice.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥