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mahabharat 6.65.18: वे युद्ध से कभी पीछे नहीं हटते। अपने धर्मबल के कारण वे अत्यन्त शक्तिशाली और महान् ऐश्वर्यशाली हैं। जहाँ धर्म होता है, वहीं पक्ष विजयी होता है॥18॥   |   mahabharat अध्याय 6.65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.65.18 
न ते युद्धान्निवर्तन्ते धर्मोपेता महाबला:।
श्रिया परमया युक्ता यतो धर्मस्ततो जय:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
वे युद्ध से कभी पीछे नहीं हटते। अपने धर्मबल के कारण वे अत्यन्त शक्तिशाली और महान् ऐश्वर्यशाली हैं। जहाँ धर्म होता है, वहीं पक्ष विजयी होता है॥18॥
 
They never retreat from a battle. Due to their strength of Dharma, they are very powerful and have great prosperity. Wherever there is Dharma, that side wins.॥18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)