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mahabharat 6.65.16: महाराज! पाण्डव युद्ध में किसी भी प्रकार का भय नहीं दिखाते। अर्थात् वे किसी भी प्रकार से भयभीत नहीं होते। वे न्यायपूर्वक युद्ध करते हैं। वे वास्तव में शक्तिशाली हैं।॥16॥   |   mahabharat अध्याय 6.65: धृतराष्ट्र-संजय-संवादके प्रसंगमें दुर्योधनके द्वारा पाण्डवोंकी विजयका कारण पूछनेपर भीष्मका ब्रह्माजीके द्वारा की हुई भगवत्-स्तुतिका कथन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.65.16 
न वै विभीषिकां कांचिद् राजन् कुर्वन्ति पाण्डवा:।
युध्यन्ति ते यथान्यायं शक्तिमन्तश्च संयुगे॥ १६॥
 
 
अनुवाद
महाराज! पाण्डव युद्ध में किसी भी प्रकार का भय नहीं दिखाते। अर्थात् वे किसी भी प्रकार से भयभीत नहीं होते। वे न्यायपूर्वक युद्ध करते हैं। वे वास्तव में शक्तिशाली हैं।॥16॥
 
King! The Pandavas do not display any horror in the war. That is, they are not afraid in any way. They fight the war with justice. They are indeed powerful. ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)