श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  6.64.9-10h 
एते महारथा: शूरा धार्तराष्ट्रा: समागता:॥ ९॥
मामेव भृशसंक्रुद्धा हन्तुमभ्युद्यता युधि।
 
 
अनुवाद
यह महाबली धृतराष्ट्रपुत्र योद्धा अत्यन्त कुपित होकर युद्ध में मुझे मारने के लिए उद्यत हुआ यहाँ आया है॥9 1/2॥
 
This mighty warrior, the son of Dhritarashtra, is extremely enraged and has come here determined to kill me in the battle.॥ 9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)