Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.64.85-86h: हे शत्रुओं को संताप देने वाले श्रेष्ठ राजा! महात्मा पाण्डव रात्रि में गर्जना करते हुए, पृथ्वी को कंपाते हुए और आपके पुत्र के हृदय को दुःख पहुँचाते हुए शिविर में लौट आए। 85 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे शत्रुओं को संताप देने वाले श्रेष्ठ राजा! महात्मा पाण्डव रात्रि में गर्जना करते हुए, पृथ्वी को कंपाते हुए और आपके पुत्र के हृदय को दुःख पहुँचाते हुए शिविर में लौट आए। 85 1/2॥
The best king who torments his enemies! Mahatma Pandavas returned to the camp in the night roaring, shaking the earth and hurting your son's heart. 85 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥