श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 73-74h
 
 
श्लोक  6.64.73-74h 
तस्य तं निनदं श्रुत्वा दृष्ट्वा नागांश्च युध्यत:॥ ७३॥
भीष्म: शान्तनवो भूयो भारद्वाजमभाषत।
 
 
अनुवाद
घटोत्कच की गर्जना सुनकर और लड़ते हुए हाथियों को देखकर शान्तनुपुत्र भीष्म ने पुनः द्रोणाचार्य से कहा-॥73 1/2॥
 
Hearing the roar of Ghatotkacha and seeing the fighting elephants, Shantanu's son Bhishma once again said to Dronacharya -॥ 73 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)