Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.64.72-73h: उन सेनाओं को आते देख महाबली राक्षसराज घटोत्कच ने जोर से गर्जना की, मानो वज्र गिर पड़ा हो।   |   mahabharat अध्याय 6.64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 72-73h
 
 
श्लोक  6.64.72-73h 
तान्यनीकान्यथालोक्य राक्षसेन्द्र: प्रतापवान्॥ ७२॥
ननाद सुमहानादं विस्फोटमशनेरिव।
 
 
अनुवाद
उन सेनाओं को आते देख महाबली राक्षसराज घटोत्कच ने जोर से गर्जना की, मानो वज्र गिर पड़ा हो।
 
Seeing those armies approaching, the mighty demon king Ghatotkacha roared loudly as if a thunderbolt had struck. 72 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)