Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.64.66: देखो, हर्षित पाण्डवों की महान गर्जना सुनाई दे रही है और भगदत्त के भयभीत हाथी की चिंघाड़ भी जोर से कानों तक पहुँच रही है।   |   mahabharat अध्याय 6.64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  6.64.66 
श्रूयते चैव हृष्टानां पाण्डवानां महास्वन:।
हस्तिनश्चैव सुमहान् भीतस्य रुदितध्वनि:॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
देखो, हर्षित पाण्डवों की महान गर्जना सुनाई दे रही है और भगदत्त के भयभीत हाथी की चिंघाड़ भी जोर से कानों तक पहुँच रही है।
 
Behold, the great roar of the joyous Pandavas is heard and the cry of the frightened elephant of Bhagadatta is also loudly reaching the ears. 66.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)