Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.64.65: वह राक्षस बहुत बड़ा है और वे राजा भी बड़े क्रोध से भरे हुए हैं। वे दोनों युद्ध में काल और मृत्यु के समान हैं।   |   mahabharat अध्याय 6.64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  6.64.65 
राक्षसश्च महाकाय: स च राजातिकोपन:।
एतौ समेतौ समरे कालमृत्युसमावुभौ॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
वह राक्षस बहुत बड़ा है और वे राजा भी बड़े क्रोध से भरे हुए हैं। वे दोनों युद्ध में काल और मृत्यु के समान हैं।
 
That demon is huge and those kings are also filled with great anger. Both of them are like time and death in a war. 65.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)