श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 64: भीमसेन और घटोत्कचका पराक्रम, कौरवोंकी पराजय तथा चौथे दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  6.64.63 
तस्य तं नदतो नादं सुघोरं भीमनि:स्वनम्।
श्रुत्वा भीष्मोऽब्रवीद् द्रोणं राजानं च सुयोधनम्॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
उस हाथी की भयानक और भयंकर ध्वनि करने वाली चिंघाड़ सुनकर भीष्म ने द्रोणाचार्य और राजा दुर्योधन से कहा-॥63॥
 
Hearing the cry of the elephant which was making a terrifying and horrible sound, Bhishma said to Dronacharya and King Duryodhana -॥ 63॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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